राष्ट्रीय सुरक्षा और परीक्षा की शुचिता सर्वोपरि, 22 जून तक लागू रहेगी पाबंदी
नई दिल्ली, 19 जून 2026। नीट यूजी (NEET UG) 2026 री-एग्जाम से पहले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर लगाई गई अस्थायी रोक को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने केंद्र सरकार के निर्णय को सही ठहराते हुए टेलीग्राम की याचिका खारिज कर दी और कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाए गए कदम उचित हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अपने आपातकालीन अधिकारों का उपयोग करते हुए यह कदम उठाया है। अदालत ने माना कि री-नीट परीक्षा के दौरान नकल, फर्जी प्रश्नपत्र और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी को रोकने के लिए यह प्रतिबंध आवश्यक था।
22 जून तक जारी रहेगी रोक
केंद्र सरकार ने NEET UG 2026 री-एग्जाम को ध्यान में रखते हुए टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे परीक्षा की सुरक्षित और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
पेपर लीक और फर्जी कंटेंट पर कार्रवाई
एनटीए के अनुसार कुछ संगठित गिरोह टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का उपयोग कथित पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र और अभ्यर्थियों को ठगने के लिए कर रहे थे। जांच एजेंसियों के इनपुट के आधार पर केंद्र सरकार ने यह कार्रवाई की। इसके साथ ही टेलीग्राम को 30 जून तक संदेश संपादन (Message Editing) फीचर को सीमित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
टेलीग्राम ने किया था विरोध
टेलीग्राम ने अदालत में दलील दी थी कि प्रतिबंध से करोड़ों सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि अदालत ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और सार्वजनिक हित को देखते हुए सरकार का निर्णय संतुलित और कानूनी रूप से उचित है।
गौरतलब है कि NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाना है। इस बीच परीक्षा से जुड़ी किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।


