छत्तीसगढ़ में 5 बड़ी रिडेवलपमेंट परियोजनाओं का टेंडर जारी, रायपुर के शंकर नगर में विकसित होगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हब

शहरी विकास को मिलेगी नई गति, 250 करोड़ रुपए मूल्य की परियोजनाओं का होगा विकास

रायपुर, 17 जून 2026।

छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के विभिन्न शहरों में शहरी विकास और शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग के लिए पांच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं का टेंडर जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (Housing and Infrastructure Development Board) द्वारा जारी इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा।

आवास एवं पर्यावरण विभाग को इन परियोजनाओं का नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) और प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPR) तैयार कर निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई है।

250 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की परियोजनाएं

मंत्रिपरिषद द्वारा इन परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप को मंजूरी दी गई।

प्रस्तावित पांचों परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपए आंका गया है।

इन परियोजनाओं का विकास निम्न स्थानों पर किया जाएगा—

  • बी.टी.आई. रोड, शंकर नगर (रायपुर)
  • क्लब पारा (महासमुंद)
  • कैलाश नगर (राजनांदगांव)
  • कटघोरा (कोरबा)
  • चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर)

रायपुर की परियोजना को विशेष महत्व

राजधानी रायपुर में प्रस्तावित रिडेवलपमेंट परियोजना को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह परियोजना शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने और सिंधु भवन के समीप विकसित की जाएगी।

यह क्षेत्र राजधानी का प्रमुख शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक एवं आवासीय केंद्र माना जाता है। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा और शासकीय परिसंपत्तियों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

जर्जर परिसंपत्तियों की जगह बनेगी आधुनिक अधोसंरचना

रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक सुविधाओं से युक्त अधोसंरचना विकसित की जाएगी।

विशेष बात यह है कि इन परियोजनाओं के लिए सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा, जिससे भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

निजी निवेशकों के लिए भी बड़ा अवसर

यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर लेकर आई है। उन्हें शहरों के प्रमुख और प्राइम लोकेशन वाले क्षेत्रों में परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा।

स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी निवेशकों के लिए विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित करेगी।

शहरी विकास को नई दिशा दे रही सरकार : ओ.पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी और जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक एवं उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे शहरों की कार्यक्षमता, सौंदर्य और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रायपुर बनेगा आदर्श शहरी विकास मॉडल : अनुराग सिंहदेव

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए आदर्श शहरी विकास मॉडल साबित होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।

वहीं मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

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