CGMC की पूर्व मंजूरी के बिना भी कर सकेंगे काम, जूडा ने जताया विरोध
रायपुर, 18 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से डॉक्टरों की नियुक्ति संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत अब अन्य राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) की पूर्व मंजूरी के बिना भी राज्य में सेवाएं दे सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा।
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय को लेकर चिकित्सा जगत में बहस शुरू हो गई है। जहां सरकार इसे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने इस फैसले का विरोध किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया व्यवस्था सुधारने वाला फैसला
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य के कई अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। नई व्यवस्था लागू होने से दूसरे राज्यों के अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ और प्रभावी बनाना है।
जूडा ने उठाए सवाल
दूसरी ओर जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि बिना CGMC पंजीकरण और मंजूरी के डॉक्टरों को काम करने की अनुमति देने से निगरानी और जवाबदेही संबंधी सवाल खड़े हो सकते हैं। जूडा ने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगी विशेषज्ञों की उपलब्धता
सरकार का दावा है कि इस कदम से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से उन अस्पतालों को लाभ मिलेगा जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। वहीं चिकित्सा संगठनों का मानना है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश भी आवश्यक हैं।
फिलहाल इस फैसले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर संगठनों के बीच चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।


